माँ

                                                                                                              By Pallavi Joshi SMS

एक मेरी माँ ही हैं जिनके मन में कभी मेरे लिए बदुआँ नहीं होती,

मैं कितने भी गुनाह करू वो मुझसे कभी जुदा नहीं होती।

दुनियाँ को तो देखनी हैं सिर्फ उपलब्धियां मेरी ,

एक मेरी माँ ही हैं जिसे देखनी हैं सिर्फ खुशियाँ मेरी।

क़िस्मत के हाथों मार खाई है बहुत,

एक मेरी माँ ही है जिसके आँचल में सर रखकर रोई हूँ बहुत।

कुदरत का है ये चमत्कार अनोखी,

एक मेरी माँ ही है जिसमे है ईशवर की छवि दूसरी।।

 

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